जुर्म

हरियाणा: सरकारी गोदाम में सड़ रहे गेहूं की रिपोर्ट करने पर पत्रकार के ख़िलाफ़ केस दर्ज

नई दिल्ली: (सीधीबात न्यूज़ सर्विस)  ख़बर करने की वजह से उत्तर प्रदेश में कई पत्रकारों के खिलाफ केस दर्ज करने की घटनाओं के बाद ऐसा ही एक मामला हरियाणा में सामने आया है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा के हिसार के एक टीवी पत्रकार अनूप कुंडू के खिलाफ मानहानि और अवैध घुसपैठ का मामला दर्ज किया गया है.

अनूप के खिलाफ केस इसलिए दर्ज कराया गया क्योंकि उन्होंने हिसार के उकलाना में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग (डीएफएससी) के गोदाम में खराब हो रहे गेहूं पर रिपोर्ट की थी.

एफआईआर में कहा गया है कि पत्रकार अनूप कुंडू ने विभाग को बदनाम करने के लिए अपने चैनल पर फर्जी वीडियो चलाया.

रिपोर्ट के अनुसार, अनूप कुंडू को उकलाना के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के गोदाम में पानी की वजह से गेहूं खराब होने की सूचना मिली थी. अनूप ने बीते 17 जुलाई को गोदाम के सुरक्षाकर्मी से बात कर घटना की वीडियो रिपोर्ट की थी.

उन्होंने इस संबंध में फूड सप्लाई इंस्पेक्टर रामफल से भी बात की लेकिन आरोप है कि इंस्पेक्टर ने कोई जवाब देने के बजाय उन्हें धमकाया था.

रिपोर्ट के अनुसार, 18 जुलाई को हरियाणा के एक स्थानीय चैनल पर समाचार प्रसारित होने के बाद हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री करण देव कंबोज ने चैनल से बात की और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का वादा किया था.

इसी दिन मंत्री ने जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी सुभाष सिहाग को जांच का सुझाव दिया, जिसके बाद इसी दिन पत्रकार समेत कुछ बीजेपी नेता और जिला फूड सप्लाई कंट्रोलर ने गोदाम का निरीक्षण किया. तब गोदाम में खराब अनाज मिला था. अनाज अंकुरित हो चुका था.

हालांकि बीते 19 जुलाई को जब करनाल में मंत्री करन देव कंबोज से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पत्रकार ने गलत खबर दी है.

इसके बाद 8 सितंबर को सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी संदीप चहल की शिकायत पर पत्रकार के खिलाफ धारा 451 (अवैध घुसपैठ), 465 (फर्जीवाड़ा) और 500 (मानहानि) के तहत उकलाना थाने में केस दर्ज किया गया.

अनूप के खिलाफ केस दर्ज होने की हिसार के पत्रकारों ने इसकी निंदा की है और इसकी शिकायत जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक से की.

पत्रकारों ने मांग की है कि अनूप कुंडू पर दर्ज मुकदमे को खारिज करते हुए फर्जी जांच रिपोर्ट पेश करने वाले जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी सुभाष सिहाग और जिला परिषद के निवर्तमान कार्यकारी अधिकारी विकास यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह ने कहा कि पत्रकारों की मांग को संबंधित अधिकारी को भेजकर दोबारा निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी.  उन्होंने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के उस आरोप को भी नकारा जिसमें कहा गया है कि अनूप कुंडू अवैध रूप से परिसर में घुसे हैं. उत्तम सिंह ने कहा कि इस तरीके की धाराएं सार्वजनिक संपत्ति पर नहीं बल्कि निजी संपत्ति पर लागू होती हैं.

मालूम हो कि हाल ही में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में ख़बर छापने को लेकर सात पत्रकारों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया था.

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में सरकारी स्‍कूल के अंदर बच्‍चों के झाड़ू लगाने का वीडियो बनाने वाले एक पत्रकार को पुलिस ने मामला दर्ज करके गिरफ़्तार कर लिया था. वहीं बिजनौर में सरकारी नल से एक दलित परिवार को पानी भरने से दबंगों द्वारा कथित तौर पर रोके जाने के चलते उनके पलायन करने की खबर छापने के बाद पांच पत्रकारों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया था.

इसी तरह बीते 23 अगस्त को मिर्जापुर ज़िले के एक सरकारी स्कूल में बच्‍चों को नमक और रोटी बांटे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसकी रिपोर्टिंग करने की वजह से पत्रकार पवन जायसवाल के खिलाफ सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए मिर्जापुर जिलाधिकारी ने केस दर्ज करा दिया था.

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