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इंजीनियरिंग सामान, रत्न और आभूषण के निर्यात में गिरावट, अगस्त में निर्यात छह प्रतिशत कम रहा

 

नई दिल्ली: (सीधीबात न्यूज़ सर्विस)  पेट्रोलियम, इंजीनियरिंग, चमड़ा और रत्न एवं आभूषण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से निर्यात कम होने पर अगस्त माह में देश का निर्यात कारोबार एक साल पहले के इसी माह के मुकाबले 6.05 प्रतिशत घटकर 26.13 अरब डॉलर रह गया. शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है.

अगस्त 2019 में निर्यात वाले 30 महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से 22 में गिरावट दर्ज की गई. रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामानों और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में इस दौरान क्रमश: 3.5 प्रतिशत, 9.35 प्रतिशत और 10.73 प्रतिशत गिरावट रही.

इस दौरान वृद्धि दर्ज करने वाले निर्यात क्षेत्रों में लौह अयस्क, इलेक्ट्रॉनिक सामान, मसाले और समुद्री उत्पाद शामिल हैं.

देश की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि जुलाई में 4.3 प्रतिशत रही है. जून के मुकाबले यह काफी बढ़ी है लेकिन एक साल पहले जुलाई के मुकाबले इसमें कमी आई है. विनिर्माण क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन से इसमें कमी आई है.

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में आयात भी 13.45 प्रतिशत घटकर 39.85 अरब डॉलर रह गया. इससे माह के दौरान व्यापार घाटा भी कम होकर 13.45 अरब डॉलर पर आ गया. पिछले साल अगस्त में व्यापार घाटा 17.92 अरब डॉलर रहा था.

आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2016 के बाद अगस्त 2019 में आयात में सबसे ज्यादा गिरावट आई है. तब आयात 14 प्रतिशत कम रहा था जबकि इस अगस्त में इसमें 13.45 प्रतिशत की गिरावट आई.

अगस्त माह में पेट्रोलियम उत्पादों का आयात 8.9 प्रतिशत घटकर 10.88 अरब डॉलर का हुआ जबकि गैर- तेल आयात 15 प्रतिशत घटकर 28.71 अरब डॉलर रहा. चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से अगस्त की अवधि में कुल निर्यात 1.53 प्रतिशत घटकर 133.54 अरब डॉलर और आयात 5.68 प्रतिशत गिरकर 206.39 अरब डॉलर हो गया.

भारतीय निर्यातक संगठनों के महासंघ (फियो) के अध्यक्ष शरद कुमार सर्राफ ने कहा कि निर्यात में इस तरह की गिरावट से वैश्विक मांग कमजोर रहने, उसमें अनिश्चितता होने और बढ़ते शुल्क युद्ध का पता चलता है.

लुधियाणा स्थित निर्यातक एससी रलहन ने कहा कि सरकार के लिए यह उचित समय है कि वह प्रोत्साहनों की घोषणा करे. भारत से वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात योजना (एमईआईएस) को वापस नहीं लिया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि देश में विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार को पूंजीगत सामानों के लिए निर्यात प्रोत्साहन (ईपीसीजी) नीति को और सरल बनाने के बारे में विचार करना चाहिए. ईपीसीजी योजना के तहत मशीनों के आयात पर विनिर्माता निर्यातक के लिए कोई निर्यात दायित्व नहीं होना चाहिए.

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बीते 12 सितंबर कहा कि देश को अगले पांच साल दौरान एक हजार अरब डॉलर का निर्यात कारोबार हासिल करना होगा और इसके लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ ही प्रतिस्पर्धात्मकता में भी सुधार लाना होगा.

मालूम हो कि ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी गिरावट दर्ज की गई है. देश में लगातार दसवें महीने अगस्त में यात्री वाहनों की बिक्री कम हुई है.

वाहन निर्माताओं के संगठन ‘सियाम’ अगस्त में यात्री वाहनों की बिक्री एक साल पहले इसी माह की तुलना में 31.57 प्रतिशत घटकर 1,96,524 वाहन रह गई. एक साल पहले अगस्त में 2,87,198 वाहनों की बिक्री हुई थी.

इतना ही नहीं अगस्त 2019 में घरेलू बाजार में कारों की बिक्री 41.09 प्रतिशत घटकर 1,15,957 कार रह गई जबकि एक साल पहले अगस्त में 1,96,847 कारें बिकी थीं.

इस दौरान दुपहिया वाहनों की बिक्री 22.24 प्रतिशत घटकर 15,14,196 इकाई रह गई जबकि एक साल पहले इसी माह में देश में 19,47,304 दुपहिया वाहनों की बिक्री की गई. इसमें मोटरसाइकिलों की बिक्री 22.33 प्रतिशत घटकर 9,37,486 मोटरसाइकिल रह गई जबकि एक साल पहले इसी माह में 12,07,005 मोटरसाइकिलें बिकी थीं.

सियाम के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त माह में वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 38.71 प्रतिशत घटकर 51,897 वाहन रही.

कुल मिलाकर यदि सभी तरह के वाहनों की बात की जाए तो अगस्त 2019 में कुल वाहन बिक्री 23.55 प्रतिशत घटकर 18,21,490 वाहन रह गई जबकि एक साल पहले इसी माह में कुल 23,82,436 वाहनों की बिक्री हुई थी.

इससे पहले जुलाई में वाहनों की बिक्री में 19 साल की 18.71 प्रतिशत की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है.

‘सियाम’ की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में कुल वाहन बिक्री 18.71 प्रतिशत गिरकर 18,25,148 वाहन रही जो जुलाई 2018 में 22,45,223 वाहन थी. यह दिसंबर 2000 के बाद वाहन बिक्री में आई सबसे बड़ी गिरावट है. उस दौरान वाहन बाजार में 21.81 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी.

Source:-Thewire

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